
उत्तराखंड में पिछले हफ्ते त्रिस्तरीय चुनाव का रिजल्ट आ चुका है जो कि इस बार बहुत खास रहा। पांच साल के लिए फिर से नए प्रधान चुने गए हैं ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठ रहने हैं कि ग्राम प्रधान को हर महीने कितनी सैलरी मिलती है। साथ ही प्रधान के क्या पावर और जिम्मेदारियां होती है जिससे वे अपने गांव का विकास कर सकता है। आइए हम आपको यह पूर्ण जानकारी इस लेख में बताते हैं।
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ग्राम प्रधान की सैलरी कितनी होती है?
उत्तराखंड के गावों का विकास करने के लिए ग्राम प्रधान का चुनाव किया जाता है। प्रधान को सरकार की ओर से हर महीने 3,500 रूपए की सैलरी मिलती है। इसके अतिरिक्त उन्हें कोई अन्य सुविधा या लाभ नहीं मिलता है।
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ग्राम प्रधान की जिम्मेदारियां क्या है?
ग्राम प्रधान का चुनाव गांव के विकास के लिए किया जाता है जिसके तहत उसे कई प्रकार की आवश्यक जिम्मेदारियां मिलती है। इन जिम्मेदिएरियों को लेकर प्रधान गांव के लोगों की समस्या और परेशानी का हल निकालने का प्रयास करता है। जानते हैं ग्राम प्रधान क्या क्या काम करता है।
- केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गए MNREGA योजना को गांव में रोजगार देने के लिए शुरू किया गया है। इस योजना को शुरू करके गांव में बेरोजगार लोगों को रोजगार देना और योजना के तहत काम कराने की जिम्मेदारी गांव के प्रधान की होती है।
- गांव के विकास कार्य जैसे सड़के, नालियां, शौचालय, सामुदायिक भवन, खेल के मैदान एवं अन्य जरुरी काम कराने के लिए प्रधान राज्य और 15वें वित्त आयोग के फंड का इस्तेमाल करता है।
- गांव को स्वच्छ बनाने के लिए प्रधान की महवत्पूर्ण जिम्मेदारी होती है।
- शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने के लिए ग्राम प्रधान की बड़ी भूमिका होती है।